लेख
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‘छुट्टी के दिन का कोरस’
(‘फुर्सत’: मो. आरिफ) राहुल सिंह ‘फुर्सत’ निश्छल शिल्प की एक बेहद प्यारी–सी कहानी है। कुछ पाने की चाह में बहुत…
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स्त्री के स्वराज का सत्याग्रह
(टेक बे त टेक न त गो – नीलाक्षी सिंह) आशुतोष जब युग की चेतना व्यक्ति चेतना से एकाकार होती…
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भूमण्डलीकृत भाषा में संवेदना की परिभाषा
(पेईंग गेस्ट : प्रियदर्शन) पंकज पराशर भूमण्डलीकरण ने हमारी भाषा को गहराई से प्रभावित किया है। हमारी संवेदना और…
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राजनीति का धूसर और नत्थू की नियति
(‘लापता नत्थू उर्फ दुनिया न माने’ – रवि बुले) राजीव कुमार ब्रिटिश परतन्त्रता से मुक्ति के लिए चले लम्बे…
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