लेख
    6 hours ago

    कहानीकार अब्दुल बिस्मिल्लाह

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    लेख
    2 days ago

    अन्याय के स्रोत की पहचान कराता कहानीकार

      छुआछूत विकृत मानसिकता है, एक दिमागी रोग है। इसका पसारा धर्म-विशेष के भीतर सीमित नहीं है। यह सर्वव्यापी विकृति…
    रंगमंच
    December 19, 2025

    शताब्दी वर्ष पर मोहन राकेश को याद किया ‘बतरस’ ने

      मुंबई के ‘केशव गोरे ट्रस्ट’ सभागार में शहर की सांस्कृतिक संस्था ‘बतरस’ के दूसरे दौर का 27वां मासिक आयोजन…
    पुस्तक समीक्षा
    November 14, 2025

    दरवाजे खोलती कहानियाँ

        आज हम जिस समय से गुजर रहे हैं, उसमें रचनाकार की जिम्मेवारी बनती है कि वह सामाजिक यथार्थ…
    रंगमंच
    October 11, 2025

    ‘मंच’ का ‘कंजूस’ और उससे उठते कुछ रंग-विमर्श

      मुम्बई का ‘मंच’ नाटय समूह अपने विविधरूपी नाटकों के मंचन में प्रायः सक्रिय रहता है। समूह के नाटकों के…
    संस्मरण
    September 28, 2025

    प्रो. दयाराम पांडेय: साँवरिया ज्ञानी गुरु से इकली लाश तक…!

      प्रो. दयाराम पांडेय मशहूर थे – डी.आर. पांडे नाम से…फिर बोलने में ‘डी.आर. सर’ कहा जाता था, जिनके पहले…
    उपन्यास
    September 16, 2025

    ‘इंशाअल्लाह’ : भारतीय मुस्लिम-जीवन का कच्चा चिट्ठा

      राष्ट्रीय नाट्य विदयालय के स्नातक एवं चर्चित बुद्धिजीवी रचनाकार अभिराम भड़कमकर के कई नाटक मक़बूल होकर लगातार खेले जा…
    मूल्यांकन
    July 29, 2025

    मानुषी विभीषिका के विरुद्ध

      सामाजिक भाव-बोध का परिवर्तित स्वरूप रचनाकार अथवा रचनाओं की जीवन-यात्रा से जुड़ा होता है। यह यात्रा सकारात्मक रूप से…
    मूल्यांकन
    July 24, 2025

    दंतकथा की जिजीविषा : मनुष्यता की हार

       अब्दुल बिस्मिल्लाह का उपन्यास ‘दंतकथा’ उस गहरी विडम्बना को बेपर्दा करता है, जहाँ सभ्यता की विजय दरअसल मनुष्यता की…
    समीक्षा
    June 20, 2025

    संजीव चंदन की कहानी “तुम्हीं से जनमूं तो पनाह मिले”

      “तुम्हीं से जनमूं तो पनाह मिले” कहानी एक ही शहर की दो लड़कियों आती और आर्ची से सम्बद्ध है।…

    कथा संवेद

    • कथा संवेद – 22

      कथा संवेद - 22

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    • कथा-संवेद – 21

      कथा-संवेद - 21

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    • कथा संवेद – 20

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    पत्रिका

      July 6, 2022

      संवेद 126 : भारत एक स्वप्न

        संवेद 126 : भारत एक स्वप्न  लेखक – भरत प्रसाद भरत प्रसाद द्वारा लिखित भारत एक स्वप्न (संवेद-126) पुस्तिका…
      February 6, 2022

      संवेद 125 : शब्दों के आलोक में अनामिका

        संवेद 125 : शब्द आलोक में अनामिका संपादक : किशन कालजयी अतिथि संपादक : ऋत्विक भारतीय कहानीकार और कवयित्री…
      January 10, 2020

      संवेद 121 : लाल

        संवेद 121 : लाल : राजनीतिक परित्याग की कथा लेखिका : पल्लवी प्रसाद सम्पादक : किशन कालजयी    पल्लवी…

      फणीश्वर नाथ रेणु

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