Uncategorized
    10 hours ago

    ‘एक अरसे बाद’ की कविताओं में स्त्री-जीवन और प्रतिरोध

    कविताओं का संसार इतना व्यापक है कि उसका ओर-छोर पकड़ना सम्भव नहीं। कविताएँ स्वतः बहते झरने की तरह झरती हैं।…
    Uncategorized
    1 day ago

    परिवेश को रचने की प्रक्रिया में मनुष्यता के मर्म की पहचान

    एक नागरिक के रूप में लेखक की निजी पहचान—उसकी सामुदायिक अस्मिता—क्या उसके रचना-संसार को गढ़ने में निर्णयकारी भूमिका में होती…
    Uncategorized
    August 1, 2026

     मानस की चौपाई जैसे हैं अब्दुल बिस्मिल्लाह : रमेश सिंह   

      वर्णन करना बहुत कठिन होता है उस व्यक्ति का- हम जिसके बेहद करीब होते हैं। जो हमारेबहुत करीब होता…
    संस्मरण
    April 11, 2026

    सुरेंद्र वर्मा ‘तुझे हम वली समझते, जो न बादाख़्वार होता’…!

      अथ भूमिका उर्फ़ दो खड़ूस रचनाकारों की पसंदगी के सबब – मेरे हमनिवाले-हमप्याले दोस्त मुझसे प्रायः पूछते –बल्कि चिढ़ाते-…
    लेख
    February 7, 2026

    कहानीकार अब्दुल बिस्मिल्लाह

      स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी कथा साहित्य में प्रगतिशील चिंतन धारा के लेखकों में अब्दुल बिस्मिल्लाह की ख्याति उनके उपन्यास झीनी बीनी…
    लेख
    February 2, 2026

    अन्याय के स्रोत की पहचान कराता कहानीकार

      छुआछूत विकृत मानसिकता है, एक दिमागी रोग है। इसका पसारा धर्म-विशेष के भीतर सीमित नहीं है। यह सर्वव्यापी विकृति…
    रंगमंच
    December 19, 2025

    शताब्दी वर्ष पर मोहन राकेश को याद किया ‘बतरस’ ने

      मुंबई के ‘केशव गोरे ट्रस्ट’ सभागार में शहर की सांस्कृतिक संस्था ‘बतरस’ के दूसरे दौर का 27वां मासिक आयोजन…
    पुस्तक समीक्षा
    November 14, 2025

    दरवाजे खोलती कहानियाँ

        आज हम जिस समय से गुजर रहे हैं, उसमें रचनाकार की जिम्मेवारी बनती है कि वह सामाजिक यथार्थ…
    रंगमंच
    October 11, 2025

    ‘मंच’ का ‘कंजूस’ और उससे उठते कुछ रंग-विमर्श

      मुम्बई का ‘मंच’ नाटय समूह अपने विविधरूपी नाटकों के मंचन में प्रायः सक्रिय रहता है। समूह के नाटकों के…
    संस्मरण
    September 28, 2025

    प्रो. दयाराम पांडेय: साँवरिया ज्ञानी गुरु से इकली लाश तक…!

      प्रो. दयाराम पांडेय मशहूर थे – डी.आर. पांडे नाम से…फिर बोलने में ‘डी.आर. सर’ कहा जाता था, जिनके पहले…

    कथा संवेद

    • कथा संवेद – 22

      कथा संवेद - 22

        इस कहानी को आप कथाकार की आवाज में नीचे दिये गये…

    • कथा-संवेद – 21

      कथा-संवेद - 21

        इस कहानी को आप कथाकार की आवाज में नीचे दिये गये…

    • कथा संवेद – 20

        इस कहानी को आप कथाकार की आवाज में नीचे दिये गये…

    पत्रिका

      July 6, 2022

      संवेद 126 : भारत एक स्वप्न

        संवेद 126 : भारत एक स्वप्न  लेखक – भरत प्रसाद भरत प्रसाद द्वारा लिखित भारत एक स्वप्न (संवेद-126) पुस्तिका…
      February 6, 2022

      संवेद 125 : शब्दों के आलोक में अनामिका

        संवेद 125 : शब्द आलोक में अनामिका संपादक : किशन कालजयी अतिथि संपादक : ऋत्विक भारतीय कहानीकार और कवयित्री…
      January 10, 2020

      संवेद 121 : लाल

        संवेद 121 : लाल : राजनीतिक परित्याग की कथा लेखिका : पल्लवी प्रसाद सम्पादक : किशन कालजयी    पल्लवी…

      फणीश्वर नाथ रेणु

      Back to top button