फणीश्वर नाथ रेणु
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एक दिन फिर आना
(आदिम रात्रि की महक) अपने सबसे प्रिय रचनाकार रेणु की किसी भी कहानी पर कुछ भी लिखना मेरे…
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प्रेम का अध्यात्म रचती सौंदर्यधर्मी कहानी : जड़ाऊ मुखड़ा
रेणु की रचना मनुष्य केंद्रित है। रेणु की जन्मशती मनाते वक्त इस वर्ष एक बार फिर हम उनके साहित्य…
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प्रेम की चाह और व्यवस्था का शास्त्र
(तीसरी कसम अर्थात मारे गये गुलफाम) ‘तीसरी कसम उर्फ मारे गये गुलफाम’ कहानी का हिरामन रह-रह कर मन…
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अगिनखोर : झूठे विद्रोह की कथा
यदि यथार्थ के विभिन्न अर्थों का कोई लोकतन्त्र है, जो वह केवल उस स्वतन्त्रता में ही उपलब्ध होता है,…
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सामाजिक मरम्मत की मुकम्मल कारीगिरी: रसूल मिसतरी
आज़ादी प्राप्ति से लगभग अठारह महीने और आज से लगभग चौहत्तर साल पहले लिखी गयी कहानी है – ‘रसूल…
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ग्रामीण संवेदना के कथाकार
आंचलिकता का नाम सुनते ही फणीश्वर नाथ रेणु का नाम सहज ही स्मरण हो आता है। प्रसिद्ध आंचलिक उपन्यास…
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जीवन की पाठशाला से जन्मी कहानी
दसगज्जा के इस पार और उस पार फणीश्वर नाथ रेणु भारतीय साहित्य के बहुपठित और प्रतिष्ठित कथाकार हैं।…
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कितने चौराहे : ‘रेणु’ का एक सपना
हर बड़ा साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से एक समानान्तर दुनिया रचने का स्वप्न देखता है। जीवन अनुभव के…
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